सामग्री पर जाएं
रणनीतिक विश्लेषण

क्रिकेट के नियम हिंदी में: नए फैंस की 7 आम गलतियाँ (2026)

क्रिकेट के नियम MCC यानी लॉर्ड्स स्थित मैरिलबोन क्रिकेट क्लब की 'लॉज़ ऑफ़ क्रिकेट' संहिता में दर्ज हैं, जिसमें 42 नियम हैं, और ICC इन्हीं पर अलग-अलग फॉर्मेट की खेलने की शर्तें जोड़ता है। मैदान पर दो ट...

1 अक्टूबर 2026 5 min read
क्रिकेट के नियम हिंदी में: नए फैंस की 7 आम गलतियाँ (2026)

क्रिकेट के नियम हिंदी में: नए फैंस की 7 आम गलतियाँ (2026)

क्रिकेट के नियम MCC यानी लॉर्ड्स स्थित मैरिलबोन क्रिकेट क्लब की 'लॉज़ ऑफ़ क्रिकेट' संहिता में दर्ज हैं, जिसमें 42 नियम हैं, और ICC इन्हीं पर अलग-अलग फॉर्मेट की खेलने की शर्तें जोड़ता है। मैदान पर दो टीमें उतरती हैं, हर टीम में 11 खिलाड़ी, पिच की लंबाई 22 गज़ और एक ओवर में 6 वैध गेंदें। T20 में 20 ओवर और एक गेंदबाज़ के अधिकतम 4 ओवर होते हैं, ODI में 50 ओवर और 10 ओवर प्रति गेंदबाज़, जबकि टेस्ट में पाँच दिन तक कोई ओवर-सीमा नहीं। वाइड और नो-बॉल वैध गेंद नहीं गिनी जातीं, इसलिए ओवर लंबा खिंच जाता है। नए दर्शकों की ज़्यादातर गलतियाँ इन्हीं बारीकियों से आती हैं: फ्री हिट, LBW, पावरप्ले और अतिरिक्त रन। क्रिकेट गाइड की सलाह: सबसे आसान तरीका है पहले अपना फॉर्मेट चुनना, फिर उसके ओवर-गणित और फील्डिंग पाबंदियाँ याद करना, और उसके बाद ही लाइव मैच में आउट के फैसले पढ़ना।

एक सीधा आँकड़ा सुनिए: T20 की एक पारी में कुल 120 वैध गेंदें होती हैं, बस 120। न एक ज़्यादा, न एक कम। शाम की रोशनी में स्टेडियम गूँज रहा है, फ्लडलाइट्स के नीचे गेंद चमक रही है, और भीड़ हर गेंद पर साँस रोके बैठी है। मगर आधे दर्शकों को पता ही नहीं कि अभी जो गेंद फेंकी गई, वह इन 120 में गिनी जाएगी या नहीं। मैं रात-रात भर स्कोरकार्ड और गेंद-दर-गेंद आँकड़े खँगालता हूँ, और मेरा निचोड़ यह है कि नियम न जानने वाला फैन मैच नहीं देखता, सिर्फ़ शोर सुनता है। मानो या न मानो, मैं तो मानता हूँ कि सात गलतियाँ ऐसी हैं जो हर नया दर्शक दोहराता है, और इस लेख में हम उन्हें एक-एक करके तोड़ेंगे। चेले, ध्यान से पढ़ना, क्योंकि मैं बार-बार नहीं समझाऊँगा। हम तीन राउंड खेलेंगे: गेंदबाज़ी, बल्लेबाज़ी और आउट के नियम, फिर फील्डिंग और समय के नियम। अंत में स्कोर जोड़कर देखेंगे कि किसे कौन-सा नियम पहले सीखना चाहिए।

अगर आप रोज़ की मैच समीक्षा और आँकड़े पढ़ना चाहते हैं, तो नीचे का बटन आपका अगला ठिकाना है।

और जानें

floodlit cricket stadium at dusk with a packed crowd, bowler running in as the batter waits at the crease

एक नज़र में तुलना: तीन फॉर्मेट, तीन अलग खेल

पहले नक्शा देख लीजिए, फिर रास्ता चलेंगे। नीचे की तालिका में वे संख्याएँ हैं जो हर फॉर्मेट को दूसरे से अलग करती हैं। इन्हें याद कर लिया तो आधी उलझन वहीं खत्म हो जाती है।

पहलू टेस्ट ODI T20
अधिकतम अवधि 5 दिन 50 ओवर प्रति टीम 20 ओवर प्रति टीम
पारियाँ हर टीम की 2 हर टीम की 1 हर टीम की 1
प्रति गेंदबाज़ ओवर कोई सीमा नहीं अधिकतम 10 अधिकतम 4
पावरप्ले नहीं ओवर 1-10 में 2 फील्डर घेरे के बाहर ओवर 1-6 में 2 फील्डर घेरे के बाहर
बाद की पाबंदी नहीं ओवर 11-40 में 4, ओवर 41-50 में 5 बाहर ओवर 7-20 में अधिकतम 5 बाहर
फ्री हिट नहीं हाँ हाँ

अब इस तालिका का वह गणित, जो आमतौर पर किसी लेख में नहीं मिलता। T20 में एक गेंदबाज़ के 4 ओवर की सीमा है और पारी 20 ओवर की, यानी 20 को 4 से भाग दें तो नतीजा 5 आता है। मतलब किसी भी T20 टीम के पास कम से कम पाँच गेंदबाज़ होना कोई रणनीति नहीं, गणित की मजबूरी है। ODI में भी यही हिसाब है: 50 ओवर, प्रति गेंदबाज़ 10, तो न्यूनतम पाँच गेंदबाज़। जब कमेंटेटर कहता है कि कप्तान के पास 'विकल्प कम' हैं, तो असल में वह इसी भाग का नतीजा बता रहा होता है। यह भी ध्यान रखिए कि IPL में 2023 से 'इम्पैक्ट प्लेयर' का प्रावधान चल रहा है, जिससे टीम मैच के बीच एक खिलाड़ी बदल सकती है। इसलिए IPL की टीम-शीट पढ़ते वक़्त सिर्फ़ ग्यारह नाम मत गिनिए। नियमों की मूल किताब आप MCC की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं, और इतिहास का सार विकिपीडिया के Laws of Cricket पन्ने पर मिल जाता है।

राउंड 1: वाइड, नो-बॉल और फ्री हिट पर लोग कहाँ गलती करते हैं?

वाइड और नो-बॉल वैध गेंद नहीं गिनी जातीं, इसलिए उनकी जगह गेंदबाज़ को एक और गेंद फेंकनी पड़ती है। फ्रंट-फुट नो-बॉल के बाद अगली गेंद फ्री हिट होती है, जिस पर बल्लेबाज़ सिर्फ रन आउट, गेंद दो बार मारने या फील्डर को रोकने से आउट होता है।

गलती 1: वाइड और नो-बॉल को ओवर की छह गेंदों में गिन लेना। यह सबसे पुरानी बीमारी है। ओवर तब तक खत्म नहीं होता जब तक छह वैध गेंदें न फेंक दी जाएँ। इसलिए जिस ओवर में दो वाइड और एक नो-बॉल हो, उसमें असल में नौ गेंदें फेंकी जाती हैं। बल्लेबाज़ी टीम को हर वाइड और हर नो-बॉल पर एक रन का दंड-रन मुफ़्त मिलता है, और यह रन गेंदबाज़ के खाते में जाता है, बल्लेबाज़ के नहीं। नो-बॉल पर बल्ले से बने रन अलग से बल्लेबाज़ के खाते में जुड़ते हैं। वाइड का फैसला गेंद की ऊँचाई और दिशा से होता है: अगर गेंद बल्लेबाज़ की पहुँच से बाहर है या सीधे खड़े बल्लेबाज़ के सिर के ऊपर से जाती है, तो अंपायर दोनों हाथ फैला देता है। एक और बात, T20 और ODI में एक ओवर में दो ही ऊँची उछलती गेंद (बाउंसर) की इजाज़त है। तीसरी पर वही नो-बॉल का इशारा आता है, और यह नियम कम ही लोग जानते हैं।

गलती 2: यह मान लेना कि फ्री हिट पर कोई आउट नहीं होता। मैं कितनी बार कह चुका हूँ कि फ्री हिट का मतलब 'नो आउट' नहीं है। फ्री हिट पर बल्लेबाज़ गेंद पर बोल्ड, कैच या LBW नहीं होता, पर रन आउट हो सकता है। गेंद को दो बार मारना और फील्डर के रास्ते में बाधा डालना भी आउट के तरीके बने रहते हैं। यही बात आपके मोहल्ले की लीग के पर्चों में भी मिलेगी, जहाँ लिखा होता है कि नो-बॉल या फ्री हिट पर भी रन आउट वैध है। तो अगली बार जब कमेंट्री में 'फ्री हिट है, डर किस बात का' सुनें, तो हँस लीजिए। रन लेने में लापरवाही दिखाओगे तो पवेलियन लौटना पड़ेगा।

इस राउंड की सूची एक बार फिर जल्दी से पढ़ लीजिए:

  • ओवर में छह वैध गेंदें ज़रूरी हैं, वाइड और नो-बॉल अलग से गिनी जाती हैं।
  • वाइड या नो-बॉल पर 1 अतिरिक्त रन बल्लेबाज़ी टीम को मिलता है।
  • फ्री हिट पर रन आउट, गेंद दो बार मारना और फील्डर को रोकना, तीनों आउट हैं।
  • एक ओवर में दो से ज़्यादा बाउंसर नो-बॉल बन जाती हैं।

और ज़्यादा गहराई में जाना चाहें तो हमारा [Internal Link: नो-बॉल और वाइड के नियमों की विस्तृत गाइड] देखिए।

आगे की रणनीति और खिलाड़ियों के आँकड़ों पर रोज़ नई सामग्री के लिए यह बटन दबाइए।

और जानें

umpire signalling a no-ball with one arm extended while the bowler looks on in a crowded stadium

राउंड 2: LBW और कैच-आउट के नियम कब बल्लेबाज़ को बाहर करते हैं?

LBW तब मिलता है जब गेंद सीधे पैड पर लगे, लेग स्टंप के बाहर पिच न हुई हो, और गेंद स्टंप्स को लगती दिखे। कैच तब वैध है जब फील्डर गेंद को ज़मीन छूने से पहले पूरी तरह काबू में ले और नियंत्रण बनाए रखे।

गलती 3: 'पैड पर लगी, मतलब आउट'। यह गलतफ़हमी हर स्टेडियम में सुनाई देती है। LBW के लिए अंपायर तीन चीज़ें जाँचता है: गेंद कहाँ पिच हुई, पैड पर कहाँ लगी, और अगर बीच में पैड न होता तो क्या गेंद स्टंप्स को लगती। अगर गेंद लेग स्टंप के बाहर पिच हुई तो बाकी सब ठीक होने पर भी आउट नहीं मिलता। अगर बल्लेबाज़ ने शॉट खेलने की कोशिश नहीं की, तो ऑफ स्टंप के बाहर पैड पर लगी गेंद पर भी आउट मिल सकता है। DRS में आपने 'अंपायर्स कॉल' देखा होगा: जब गेंद स्टंप्स के किनारे को ही छूती है, तो मूल फैसला नहीं पलटता। इसका मतलब यह नहीं कि तकनीक गलत है, यह एक तय मार्जिन है जिसमें अंपायर का फैसला कायम रहता है। यकीन मानिए, मैंने बीसियों LBW रिव्यू का हिसाब रखा है और ज़्यादातर नाराज़गी 'पिचिंग' वाले पहलू को न समझने से आती है।

गलती 4: कैच के बाद नया बल्लेबाज़ कहाँ खड़ा होगा, इसमें उलझना। MCC ने 2022 में नियम साफ़ किया: कैच आउट होने पर नया बल्लेबाज़ हमेशा स्ट्राइकर वाले छोर पर आता है, चाहे दोनों बल्लेबाज़ों ने कैच से पहले क्रॉस किया हो या नहीं। पहले क्रॉस होने पर नया बल्लेबाज़ नॉन-स्ट्राइकर वाले छोर पर जाता था, और इसी से स्कोरकार्ड पढ़ने वाले उलझते थे। कैच का एक जीवित उदाहरण ESPN के स्कोरकार्ड में मिलता है। अफ़ग़ानिस्तान A बनाम भारत A के दूसरे मैच (2026) में प्रभसिमरन सिंह 84 रन बनाकर आउट हुए, जब ऑफ-ब्रेक पर पैडल-स्कूप खेलते हुए गेंद ने हल्का-सा किनारा लिया और विकेटकीपर ने कैच पकड़ लिया। उस वक़्त भारत A का स्कोर 167/3 था। यानी गेंद के बल्ले या दस्ताने को छूने भर से, चाहे वह 'फेदर-टच' जितना हल्का हो, कैच आउट वैध हो जाता है।

गलती 5: बाई और लेग-बाई को बल्लेबाज़ के रन समझ लेना। बाई और लेग-बाई के रन टीम के स्कोर में जुड़ते हैं, पर किसी बल्लेबाज़ के नाम नहीं चढ़ते, क्योंकि वे बल्ले से नहीं बने। इसलिए जब आप किसी बल्लेबाज़ का 'ग्राफ़' या औसत देखें, तो यह फर्क ज़रूर ध्यान रखें। हमारे [Internal Link: बल्लेबाज़ी के आँकड़े और स्ट्राइक रेट कैसे पढ़ें] वाले पन्ने पर यह बात और विस्तार से है।

मैच की समीक्षाओं और रणनीति के रोज़ के विश्लेषण के लिए आगे बढ़िए।

और जानें

wicketkeeper diving to catch an edge off a batter's paddle-scoop as the slip cordon appeals

राउंड 3: पावरप्ले, स्टॉप क्लॉक और गली-नियम में फर्क क्या है?

पावरप्ले शुरुआती ओवरों में 30 गज़ के घेरे के बाहर फील्डर सीमित करता है: T20 में पहले 6 ओवर में सिर्फ 2, उसके बाद अधिकतम 5। स्टॉप क्लॉक अगला ओवर शुरू करने के लिए 60 सेकंड देती है। गली क्रिकेट के नियम हर मोहल्ले में अलग होते हैं।

गलती 6: पावरप्ले को 'बल्लेबाज़ का बोनस' समझना। पावरप्ले कोई बोनस रन नहीं देता। यह सिर्फ़ फील्डिंग पर पाबंदी है। T20 में पहले 6 ओवर यानी पारी का 30 प्रतिशत हिस्सा इसी में आता है, और उस दौरान केवल दो फील्डर 30 गज़ के घेरे के बाहर रह सकते हैं। इसीलिए सलामी बल्लेबाज़ हवा में शॉट खेलने का जोखिम लेते हैं: घेरे के भीतर फील्डर ज़्यादा हैं, पर उनके ऊपर से गेंद निकल जाए तो चौका लगभग पक्का। ODI में ढाँचा तीन हिस्सों का है: ओवर 1 से 10 तक 2 फील्डर बाहर, ओवर 11 से 40 तक 4, और ओवर 41 से 50 तक 5। इसके अलावा एक नया नियम आया है जो कम चर्चा में है। ICC ने पहले ट्रायल और फिर जून 2024 से ODI और T20I में स्टॉप क्लॉक को स्थायी कर दिया: गेंदबाज़ टीम को पिछले ओवर के खत्म होने के 60 सेकंड के भीतर अगला ओवर शुरू करना होता है। दो चेतावनियों के बाद तीसरी बार चूकने पर बल्लेबाज़ी टीम को 5 रन का दंड मिलता है। मानो या न मानो, मैं तो मानता हूँ कि करीबी मैचों में यही 5 रन हार-जीत तय कर सकते हैं।

गलती 7: गली क्रिकेट के नियमों को आधिकारिक नियम मान लेना। मोहल्ले और बॉक्स क्रिकेट के पर्चे इसका बढ़िया सबूत हैं। एक स्थानीय टूर्नामेंट के नियम-पत्र में हर टीम में 9 खिलाड़ी लिखे थे, जिनमें 8 खेलते और 1 अतिरिक्त (Extra) बैठता। पूरा मैच 16 ओवर का, यानी हर पारी में 8 ओवर। साइड बाउंड्री पर सीधा शॉट जाए तो 2 रन, छत की जाली से टकराकर सीधे बाउंड्री के बाहर जाए तो 6 रन और टप्पा खाकर जाए तो 4 रन। पारी की पहली और आखिरी गेंद पर बने रन दोगुने गिने जाते हैं, और 'मैजिक ओवर' में बल्लेबाज़ी टीम पहले से लक्ष्य तय करती है। ये नियम मज़ेदार हैं, पर ICC या MCC की किताब में इनका नाम तक नहीं। इसलिए जब आप किसी मैदान में खेलें, तो पहले आयोजक से नियम-पत्र माँगिए। किसी आधिकारिक मैच की तुलना इन नियमों से करना ऐसा है जैसे शतरंज के नियमों से लूडो खेलना। और अगर आप मैच-आधारित भविष्यवाणी या किसी भी दाँव-पेंच वाले बाज़ार में दिलचस्पी रखते हैं, तो याद रखिए कि वह 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए है, अपने स्थानीय कानून के दायरे में रहिए और अपनी सीमा पहले से तय कीजिए। ICC के आधिकारिक खेल-प्रावधान ICC की वेबसाइट पर पढ़े जा सकते हैं।

ज़्यादा विस्तार से फील्डिंग की रणनीति जानने के लिए [Internal Link: T20 पावरप्ले की रणनीति और फील्ड सेटिंग] पढ़िए।

सातों गलतियों का निचोड़ और भी बारीकी से समझना हो, तो यहाँ से आगे चलिए।

और जानें

group of friends playing box cricket in a netted indoor arena, batter driving the ball toward the side boundary

अंतिम स्कोर: किसे कौन-सा नियम पहले सीखना चाहिए

तीन राउंड हो गए, अब स्कोर जोड़ने का वक़्त है। मेरी गणना में सातों गलतियाँ बराबर नुकसानदेह नहीं हैं। जो नियम सीधे स्कोरबोर्ड और फैसले को बदलता है, वह पहले सीखने लायक है, और जो सिर्फ़ रणनीति का रंग भरता है, वह बाद में। इसी हिसाब से यह सूची है:

  1. नया दर्शक: गलती 1 और 2 सबसे पहले। ओवर की वैध गेंदों का हिसाब और फ्री हिट पर क्या हो सकता है, यही मैच को समझने की नींव है।
  2. स्कोरकार्ड पढ़ने वाला फैन: गलती 4 और 5। नया बल्लेबाज़ कहाँ आता है और अतिरिक्त रन किसके नाम जुड़ते हैं, यह समझे बिना आँकड़े अधूरे रहते हैं।
  3. IPL और T20 का दीवाना: गलती 6 और स्टॉप क्लॉक। पावरप्ले, 5 फील्डर वाला घेरा और इम्पैक्ट प्लेयर, यही आज के मैच की धुरी हैं।
  4. गली और बॉक्स क्रिकेट खेलने वाला: गलती 7। मैदान का नियम-पत्र पढ़ना, उससे बड़ा कोई नियम नहीं।
  5. बहस करने वाला दर्शक: गलती 3। LBW के तीन परीक्षण याद कर लें, फिर रिव्यू पर नाराज़ होने का हक़ बनता है।

अंतिम निचोड़ यह है कि क्रिकेट के नियम रटने की चीज़ नहीं, तीन संख्याओं से शुरू होने वाली समझ हैं: 6 वैध गेंदें, 22 गज़ की पिच और फॉर्मेट के हिसाब से 20, 50 या अनगिनत ओवर। इन तीन को पकड़ लीजिए और बाक़ी सब अपने आप जुड़ता चला जाएगा। क्रिकेट गाइड पर हम मैच समीक्षा, खिलाड़ी आँकड़े, IPL कवरेज और बल्लेबाज़ी-गेंदबाज़ी रणनीति रोज़ लाते हैं, ताकि हर नई गेंद के साथ आपकी समझ भी एक क़दम आगे बढ़े। तो जाइए, अगला मैच देखिए, और इस बार स्कोरकार्ड का हर आँकड़ा पढ़ते हुए देखिए, यक़ीन मानिए आप खुद फर्क महसूस करेंगे। [Internal Link: क्रिकेट के नियमों पर शुरुआती गाइड] भी आपके काम आएगी।

अब अगला कदम आपका है, रोज़ की क्रिकेट जानकारी के लिए यहाँ से जुड़िए।

और जानें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q: क्रिकेट के नियम किसने बनाए हैं और कौन तय करता है?

A: क्रिकेट के मूल नियम लॉर्ड्स स्थित मैरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) की 'लॉज़ ऑफ़ क्रिकेट' संहिता में हैं, जिसमें 42 नियम हैं। MCC इन्हें समय-समय पर संशोधित करता है, जैसे 2022 में कैच के बाद नए बल्लेबाज़ के छोर वाला बदलाव। ICC इन्हीं नियमों पर टेस्ट, ODI और T20 की खेलने की शर्तें अलग से जोड़ता है, इसलिए हर फॉर्मेट में छोटे-छोटे फर्क दिखते हैं।

Q: LBW का मतलब क्या है और यह कब आउट माना जाता है?

A: LBW का पूरा नाम 'लेग बिफ़ोर विकेट' है, यानी गेंद बल्ले की बजाय पैड पर लगे और स्टंप्स को लगती दिखे। इसके लिए गेंद का लेग स्टंप के बाहर पिच न होना और असर का स्टंप्स की सीध में होना ज़रूरी है। अगर बल्लेबाज़ ने शॉट नहीं खेला तो ऑफ स्टंप के बाहर लगी गेंद भी आउट हो सकती है। DRS में 'अंपायर्स कॉल' आए तो मूल फैसला बना रहता है।

Q: T20 और ODI के नियमों में सबसे बड़ा फर्क क्या है?

A: सबसे बड़ा फर्क ओवर और गेंदबाज़ों की सीमा का है: T20 में 20 ओवर और प्रति गेंदबाज़ 4 ओवर, जबकि ODI में 50 ओवर और प्रति गेंदबाज़ 10 ओवर। पावरप्ले भी अलग है। T20 में पहले 6 ओवर में 2 फील्डर घेरे के बाहर रहते हैं, जबकि ODI में यह चरण 10 ओवर का होता है और उसके बाद 4 और फिर 5 फील्डर की छूट मिलती है।

Q: फ्री हिट पर बल्लेबाज़ आउट क्यों हो जाता है?

A: फ्री हिट पर रन आउट हो सकता है, क्योंकि यह छूट सिर्फ़ बोल्ड, कैच और LBW जैसे आउट से मिलती है। गेंद को दो बार मारना और फील्डर को रोकना भी आउट बने रहते हैं। इसलिए फ्री हिट पर रन लेते वक़्त भी क्रीज़ पर पहुँचने की जल्दी करना ज़रूरी है, वरना आप बाहर हो सकते हैं।

Q: मैच के दौरान स्टॉप क्लॉक का नियम कैसे काम करता है?

A: स्टॉप क्लॉक का नियम गेंदबाज़ टीम को पिछला ओवर खत्म होने के 60 सेकंड के भीतर अगला ओवर शुरू करने को कहता है। ICC ने इसे ट्रायल के बाद जून 2024 से ODI और T20I में स्थायी किया। दो चेतावनियों के बाद तीसरी बार देरी होने पर बल्लेबाज़ी टीम को 5 रन का दंड मिलता है, जो करीबी मैच का नतीजा बदल सकता है।

Q: क्रिकेट के नियम समझने के लिए शुरुआत कहाँ से करें?

A: शुरुआत 6 वैध गेंद प्रति ओवर, वाइड-नो-बॉल और पावरप्ले जैसी तीन-चार बुनियादी बातों से करें, पूरी किताब से नहीं। पहले अपना पसंदीदा फॉर्मेट चुनिए, फिर एक लाइव मैच के स्कोरकार्ड के साथ हर आउट का तरीका मिलाइए। हफ़्ते में दो-तीन मैच ऐसे देखने पर महीने भर में आधे से ज़्यादा नियम आपकी पकड़ में आ जाएँगे, और यह सीखना बिल्कुल मुफ़्त है।

इस रणनीतिक विश्लेषण को पढ़ने के लिए धन्यवाद।

क्रिकेट गाइड · High-Stakes Insights · Strategic Excellence

संबंधित लेख